U.R GUPTAबहुत शानदार लिखा है किसी ने *"अच्छी थी, पगडंडी अपनी,* *सड़कों पर तो, जाम बहुत है!!* *फुर्र हो गई फुर्सत, अब तो,* *सबके पास, काम बहुत...
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